स्विट्जरलैंड में Iran ने बीच में छोड़ी बैठक, कहा- हमारी सेना जवाब देने के लिए तैयार..
- ट्रंप की धमकी से बिगड़ा माहौल !
World News: डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेश्कियान ने जिस MoU पर दस्तखत करके पूरी दुनिया को दिखाए, उसे अमली जामा पहनाने के लिए Switzerland में हो रही बातचीत के पहले दिन ही माहौल बिगड़ गया। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान ने हिज्बुल्लाह को परेशानी खड़ी करने से नहीं रोका तो वे ईरान पर बड़ा हमला करेंगे।
America और Iran के बीच चल रही बातचीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की वजह से फंस गई है। Switzerland के जेनेवा में चल रही बातचीत के बीच में ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान ने अपने प्रॉक्सी को नहीं रोका तो अमेरिका ईरान पर पहले से भी बड़ा हमला करेगा। इस पोस्ट के बाद ईरान ने भी जवाब दिया लेकिन खबर ये है कि ईरानी डेलीगेशन ने पहले ट्रंप की धमकी को लेकर कड़ा ऐतराज जताया और उसके बाद वॉक आउट कर दिया। हालांकि इस बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और कतर ने ईरान के डेलीगेशन को मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हुई।
ईरान ने दिया जवाब: ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ''अगर ईरान ने हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका उस पर पिछले हफ्ते से भी ज्यादा बड़ा हमला करेगा।'' ईरान की तरफ से फौरन इसका जवाब दिया गया। ईरान की नेशनल असेंबली के स्पीकर और वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने लिखा, ''अगर अमेरिकी धमकियां असरदार होतीं, तो वॉशिंगटन आज जिस स्थिति में है, वहां नहीं पहुंचता।'' उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेताओं को अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए। वे चाहे कुछ भी कहें, कार्रवाई हम ही करेंगे हमारी सेना उन्हें अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार है।
मीटिंग हॉल छोड़कर बाहर निकल गया ईरानी डेलीगेशन: ईरान के डेलीगेशन ने अमेरिकी वार्ताकारों के सामने ट्रंप की इस भाषा को लेकर विरोध जताया। ईरानी डेलीगेशन इस कदर खफा था कि वो मीटिंग हॉल छोड़कर बाहर निकल गया। हालांकि, अमेरिका और ईरान के डेलीगेशन के बीच करीब 82 मिनट तक बातचीत भी हुई।
पहले राउंड में क्या बातचीत हुई?
1 ईरान ने कहा हमने अपनी फ्रीज की गई संपत्ति को वापस करने पर चर्चा की। साथ ही ईरान के एनर्जी सेक्टर पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने पर भी बात हुई।
2 ईरानी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने अपने देश की सरकारी मीडिया को बताया कि अमेरिका के साथ पहले दौर की वार्ता में ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने को लेकर ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही प्रतिबंधों में छूट लागू की जाएगी।
3 कतर में फ्रीज किए गए ईरान के 6 अरब डॉलर इस समझौते के तहत वापस किए जाएंगे।
4 अमेरिका की तरफ से डेलीगेशन के लीडर जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ पुरानी बातों को छोड़ने के लिए तैयार है।
5 अमेरिका और ईरान के बीच जिस MOU पर दस्तखत हुए हैं उसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर 60 दिन के अंदर समझौते पर तैयार होने की बात है।
6 पहले राउंड की इस बातचीत के दौरान अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
क्या अब बातचीत का अगला राउंड होगा?
वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने कहा है कि ट्रंप के अपमानजनक बयान के बाद बातचीत मुश्किल दौर में पहुंच गई है। हालांकि एसोसिएटेड प्रेस के हवाले से खबर आ रही है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत में शामिल है और मध्यस्थों से बातचीत छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का अगला राउंड होगा। इस बीच इज़रायल ने भी कह दिया है कि उनकी फौज दक्षिणी लेबनान के ब्यू-फोर्ट कॉसल से नहीं हटेगी।
परमाणु प्रोग्राम को लेकर अड़ गया ईरान
पहले राउंड की गहमा-गहमी बता रही है कि ये बातचीत आसान नहीं होने वाली है खासतौर पर परमाणु प्रोग्राम को लेकर क्योंकि ईरान भी अड़ गया है कि उसके एटमी प्रोग्राम को कोई नहीं रोक सकता। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, ''हम जबरदस्ती, दमन और अपमान के आगे नहीं झुकेंगे। हम अपनी तरक्की, विकास के अधिकार को भी नहीं छोड़ेंगे और उन्हें यह बात माननी ही होगी।''
Switzerland में बातचीत आगे बढ़ाने को लेकर ईरानी डेलीगेशन सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। ईरान ट्रंप से माफी की मांग भी कर चुका है। हालांकि, डेलीगेशन में मौजूद अमेरिकी प्रतिनिधियों के सुर नरम हैं।
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