NEET री-एग्जाम में पहली बार एयरफोर्स की एंट्री !

Jun 27, 2026 - 22:34
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NEET री-एग्जाम में पहली बार एयरफोर्स की एंट्री !
Indian Air Force
  • नीट री-एग्जाम को लीक-प्रूफ बनाने की जुगत, 18 लोकेशन से एयरलिफ्ट होगा पेपर.
  • इंड‍ियन एयरफोर्स का कार्गो प्लेन ले जाएगा पेपर.

नई दिल्ली: देशभर में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर हुए विवाद और पेपर लीक के मामलों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है. आगामी नीट री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. पहली बार परीक्षा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी गई है.

जानकारी के मुताबिक, नीट री-एग्जाम के दौरान प्रश्नपत्रों को लीक होने से बचाने और उनकी सुरक्षित डिलीवरी के लिए भारतीय वायुसेना लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करेगी.

18 जगहों से उठेंगे पैकेट्स

सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन की जिम्मेदारी किसी प्राइवेट कूरियर या सामान्य सरकारी डाक के भरोसे नहीं छोड़ी जा रही है. सुरक्षा का घेरा इतना कड़ा है कि नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का जिम्मा खुद भारतीय वायुसेना के जिम्मे होगा. सूत्रों ने बताया कि वायुसेना देश के 18 चुनिंदा और महत्वपूर्ण स्थानों से प्रश्नपत्रों के पैकेट्स को अपनी कस्टडी में लेगी और उन्हें तय समय पर सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाएगी.

NEET री-एग्जाम में नहीं होगी कोई चूक

वायुसेना के सूत्रों ने साफ किया है कि परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए जिस भी प्रकार के सहयोग की जरूरत होगी, भारतीय वायुसेना उसके लिए पूरी तरह तैयार और मुस्तैद है. सरकार का मानना है कि पिछले वर्षों में पेपर लीक के कई मामलों में प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाई गई थी.


ऐसे में वायुसेना की भागीदारी का सबसे बड़ा उद्देश्य उन सॉल्वर गैंगों और पेपर लीक माफियाओं के नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लगाना है, जो प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक के सफर के दौरान प्रश्नपत्रों तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे. अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से पेपर लीक की आशंकाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी.

'लॉकडाउन' में रहेंगे पेपर सेटर

परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पेपर सेट करने, उसकी मॉडरेशन करने और हिंदी-अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक गुप्त और बेहद सुरक्षित स्थान पर 'लॉकडाउन' यानी स्ट्र‍िक्ट आइसोलेशन में भेज दिया गया है. यह कड़ा लॉकडाउन आगामी 21 जून को परीक्षा खत्म होने तक जारी रहेगा. इस दौरान पेपर सेटर और ट्रांसलेटर क‍िसी से भी नहीं मिल सकेंगे. बता दें कि मई में हुई परीक्षा के रद्द होने से परेशान 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों की चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

इंटरनेट, मोबाइल और स्मार्टवॉच सब बंद

अधिकारियों के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-टियर (कई स्तरों पर) बनाया गया है, जिसमें 'लॉकडाउन' पहला चरण है. गुप्त फैसिलिटी में रह रहे सभी विशेषज्ञों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और पर्सनल कम्युनिकेशन डिवाइस पूरी तरह जब्त या प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. परिसर में इंटरनेट के इस्तेमाल और बाहरी संपर्कों पर कड़ा नियंत्रण है. यहां तक कि स्मार्टवॉच ले जाने पर भी पाबंदी है. परिसर के अंदर और बाहर जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी मॉनिटरिंग और डॉक्यूमेंटेशन की जा रही है. केवल बेहद जरूरी और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति है.

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