मेरठ में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जनजीवन प्रभावित, पारा 41 डिग्री के पार

मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, तेज धूप और लू के थपेड़ों से दोपहर में सड़कें सुनसान नजर आईं...See more

Jun 27, 2026 - 22:34
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मेरठ में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जनजीवन प्रभावित, पारा 41 डिग्री के पार
गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

- भीषण गर्मी का कहर.

मेरठ। जनपद मेरठ में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, तेज धूप और लू के थपेड़ों से दोपहर में सड़कें सुनसान नजर आईं। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। जबकि, तापमान 42-43 डिग्री तक जा सकता है। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी का टॉर्चर शहर वासियों को इसी तरह परेशान करता हुआ नजर आएगा। 

 पिछले कुछ दिनों से पड़ रही चिलचिलाती धूप में जनजीवन प्रभावित होता हुआ नजर आ रहा है। गर्म हवाओं के कारण सुबह 10 बजे से ही लू चलनी शुरू हो गई, जो शाम 6 बजे तक जारी रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में लू लगने, डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या 30% बढ़ गई है। जिसके चलते सीएमओ डा अशोक कटारिया ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे तक घर में रहने की सलाह दी है।

 शहर के प्रमुख चौराहों पर नगर निगम ने प्याऊ लगाए हैं और पानी के टैंकर से छिड़काव शुरू किया है। बाजारों में दोपहर के समय ग्राहकों की संख्या आधी रह गई। दुकानदार पंखे-कूलर चलाकर भी गर्मी से बेहाल दिखे। बिजली की मांग बढ़ने से कई इलाकों में 2-3 घंटे की अघोषित कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7 से 11 बजे तक कर दिया गया है। कई निजी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास का विकल्प दिया गया।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों और पशुओं को लू से बचाने के लिए छाया और पानी का इंतजाम करने को कहा है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर यात्री गमछा, टोपी और पानी की बोतल लेकर सफर करते दिखे। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि खाली पेट घर से न निकलें, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन बढ़ाएं। जबकि, तली-भुनी चीजें और बासी खाना खाने से बचें, वरना फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा कि 15 जून तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी।इसके बाद पूर्वी हवाएं चलने से तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है। बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए घरों के बाहर पानी के बर्तन रखने की अपील की गई है। पिछले 5 साल में जून के पहले हफ्ते में यह सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है। फिलहाल मेरठवासियों को गर्मी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।

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