ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम आए सामने; नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर रोल ऑफ ऑनर में शामिल किया

Jun 27, 2026 - 22:34
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ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम आए सामने; नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर रोल ऑफ ऑनर में शामिल किया
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को सैल्यूट करते सेना के अधिकारी. 

- राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को सैल्यूट करते सेना के अधिकारी. 

नई दिल्ली। भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए 6 जवान अब औपचारिक रूप से देश के सामने आए हैं. सरकार ने पहली बार इन शहीदों के नाम सार्वजनिक किए हैं. इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर रोल ऑफ ऑनर में शामिल किया गया है. 

युद्ध स्मारक की वॉल 3डी पर 2025 सेक्शन में अंकित किया गया है. यह पहली बार है जब सरकार ने मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन सिंदूर में हुए शहीदों की आधिकारिक पुष्टि की है. इससे पहले सरकार ने इन शहीदों की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी, हालांकि मीडिया और सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट्स और अटकलें चल रही थीं.

मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाया था. इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. यह 4 दिनों तक चला. इसका मकसद सीमा पार से आने वाले आतंकवाद को कुचलना और भारत की सुरक्षा को मजबूत करना था. इस दौरान भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य बलों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. अब तक सरकार ने ऑपरेशन के दौरान हुई सैन्य क्षति के बारे में विस्तार से नहीं बताया था. लेकिन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर इन छह नामों को शामिल करना सरकार की ओर से पहली आधिकारिक स्वीकृति मानी जा रही है कि ऑपरेशन में भारतीय बलों को नुकसान हुआ था.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का महत्व

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक इंडिया गेट के पास है. यहां देश के सभी शहीद सैनिकों के नाम दीवारों पर अमर कर दिए जाते हैं. हर साल नए शहीदों के नाम संबंधित वर्ष के सेक्शन में जोड़े जाते हैं. इन छह नामों को 2025 सेक्शन में शामिल किया गया है. रोल ऑफ ऑनर में नाम दर्ज होना सिर्फ औपचारिकता नहीं है. यह देश के लिए इन वीरों के सर्वोच्च बलिदान को मान्यता देने का तरीका है. परिवारों, साथी सैनिकों और पूरे देश के लिए यह भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. अब इन शहीदों को आधिकारिक रूप से फॉलेन हीरोज कहा जा रहा है.

सरकार की चुप्पी और अब खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई दिनों तक दोनों तरफ से तनाव रहा. भारत ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने भी कुछ दावे किए. लेकिन भारत सरकार ने शुरुआत से ही सैन्य हताहतों की संख्या या नामों पर चुप्पी साध रखी थी. सुरक्षा कारणों और रणनीतिक वजहों से यह गोपनीयता बरती गई थी. अब नाम जारी करने को विशेषज्ञ सकारात्मक कदम मान रहे हैं. इससे परिवारों को न्याय मिला है. देश के लोग अपने शहीदों को सलाम कर सकते हैं. ये छह जवान देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्योछावर कर गए. सूबेदार मेजर पवन कुमार जैसे अनुभवी जवान ब्रिगेड की अगुवाई करते थे. राइफलमैन सुनील कुमार जैसे युवा सिपाही सीमा पर तैनात थे. एविएशन टेक्नीशियन और सार्जेंट जैसे एयर वारियर्स ने हवाई समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हर शहीद के परिवार में अब दर्द है, लेकिन गर्व भी है. पूरे देश को इन वीरों पर गर्व है. इनके बलिदान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय सशस्त्र बल आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग हैं.

शहीदों के नाम और उनकी यूनिट

सूबेदार मेजर पवन कुमार – हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड  
राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र – 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री  
लांस नायक दिनेश कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट  
एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनायक – 851 लाइट रेजिमेंट  
हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी  
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल – 39 विंग

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