आतंकियों का अड्डा है टेलीग्रामः केंद्र
इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है. सरकार ने कोर्ट में कहा है कि Telegram आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबसे आसान और सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बन गया है.
- बैन मामले में सुनवाई पर हाई कोर्ट में सरकार की दलील
नई दिल्ली: भारत सरकार ने हाल ही में मैसेजिंग ऐप Telegram को हफ्ते भर के लिए बैन कर दिया है. Telegram ने कोर्ट में चैलेंज भी किया है. इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है. सरकार ने कोर्ट में कहा है कि Telegram आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबसे आसान और सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बन गया है.
मामले की सुनवाई से पहले सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि इस केस में विस्तृत जवाब कोर्ट रजिस्ट्री में दाखिल कर दिया गया है. सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि Telegram को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले की सुनवाई एक कमेटी ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव ने की.
इस दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि अगर इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल किया जाता है, तो 48 घंटे के अंदर सुनवाई का मौका देना जरूरी होता है. इस पर सरकार ने कहा कि इस मामले में सुनवाई का अवसर दिया गया था. अब इस केस में कोर्ट का अगला कदम अहम होगा, क्योंकि यह फैसला तय करेगा कि भारत में Telegram का भविष्य क्या होगा.
दरअसल, Telegram के कुछ फीचर्स ऐसे हैं जिससे लोगों को ट्रेस कर पाना मुश्किल होता है. उदाहरण के तौर पर इस ऐप पर बिना फोन नंबर दिखाए हुए चैटिंग कर सकते हैं. इस वजह से स्कैमर्स इस प्लेटफॉर्म का यूज करने लगे हैं. हाल ही में NEET पेपर लीक मामले में सरकार ने एग्जाम होने तक एक हफ्ते के लिए इस ऐप पर बैन लगा दिया है. ये ऐप भारत में फिलहाल यूज नहीं किया जा सकता है. भारत में इस ऐप के करोड़ों यूजर्स हैं और कंपनी के सीईओ लगातार इसके विरोध में है.
Telegram के CEO ने कहा है कि ऐप बैन करने से लीक नहीं रुकेंगे. क्योंकि जो लोग लीक कर रहे हैं वो दूसरे ऐप से भी लीक कर सकते हैं. हालांकि, सरकार का रूख कड़ा है और मामला कोर्ट में पेंडिंग है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)